फ़िक्स्ड और रेकरिंग डिपॉज़िट

FD और RD कैलकुलेटर (मैच्योरिटी रकम और ब्याज)

भारतीय बैंकों की तिमाही कंपाउंडिंग के हिसाब से जानें कि आपकी FD या हर महीने की RD मैच्योरिटी पर कितनी बनेगी।

FD की मैच्योरिटी कैसे निकलती है

भारत में बैंक आमतौर पर फ़िक्स्ड डिपॉज़िट का ब्याज हर तिमाही जोड़ते (कंपाउंड करते) हैं। मैच्योरिटी रकम A = P × (1 + r/n)n×t है, जहां P जमा रकम, r सालाना दर, n साल में कंपाउंडिंग की संख्या (तिमाही के लिए 4) और t साल हैं। ₹1,00,000 पर 7% ब्याज, एक साल, तिमाही कंपाउंडिंग से लगभग ₹1,07,186 बनते हैं, यानी असली सालाना रिटर्न 7% नहीं बल्कि 7.19% है। अगर आप मासिक या तिमाही ब्याज भुगतान लेते हैं तो ब्याज कंपाउंड नहीं होता – वह रकम देखने के लिए "साधारण / भुगतान" चुनें।

RD की मैच्योरिटी कैसे निकलती है

रेकरिंग डिपॉज़िट में आप हर महीने एक तय रकम जमा करते हैं। बैंक RD पर भी तिमाही कंपाउंडिंग करते हैं, लेकिन हर किस्त पर ब्याज सिर्फ़ उतने समय का मिलता है जितना वह खाते में रही: पहली किस्त पर पूरी अवधि का, आख़िरी पर सिर्फ़ एक महीने का। यह कैलकुलेटर हर किस्त को M × (1 + r/4)बचे महीने ÷ 3 से अलग-अलग जोड़ता है, जो ज़्यादातर भारतीय बैंकों का तरीका है। ₹5,000 महीना, पांच साल, 6.5% पर लगभग ₹3,54,950 मिलते हैं।

FD या RD: कौन सा चुनें?

FD और RD के ब्याज पर टैक्स

FD और RD का ब्याज आपके स्लैब के हिसाब से पूरा टैक्सेबल है, चाहे आपको मिले या दोबारा जमा हो। साल का ब्याज इनकम टैक्स कानून की सीमा पार करने पर बैंक TDS काटता है; अगर आपकी कुल आय टैक्स सीमा से कम है तो TDS से बचने के लिए फ़ॉर्म 15G (60 साल या ज़्यादा उम्र में 15H) दें। टैक्स के बाद के रिटर्न की तुलना PPF जैसे विकल्पों से करें, जिसका ब्याज टैक्स-फ्री है।

बेहतर रिटर्न के लिए सुझाव

नतीजे अनुमान हैं; राउंडिंग और दिनों की गिनती से बैंक का आंकड़ा कुछ रुपये अलग हो सकता है। केवल जानकारी के लिए, वित्तीय सलाह नहीं। Yakuza Gang का फ्री टूल।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में FD का ब्याज कैसे निकलता है?

ज़्यादातर बैंक तिमाही कंपाउंडिंग करते हैं: A = P × (1 + r/4)^(4t)। ₹1 लाख पर 7%, एक साल में लगभग ₹1,07,186 बनते हैं।

RD की मैच्योरिटी कैसे निकलती है?

हर मासिक किस्त को उसके जमा रहने के समय तक तिमाही कंपाउंड करके सबको जोड़ा जाता है।

क्या FD का ब्याज टैक्सेबल है?

हां, आपके स्लैब के हिसाब से। कानूनी सीमा से ऊपर बैंक TDS काटता है, जब तक आप योग्य होकर फ़ॉर्म 15G या 15H न दें।

FD या RD, किसमें ज़्यादा कमाई?

एक ही दर और अवधि पर FD में ज़्यादा ब्याज मिलता है क्योंकि पूरी रकम शुरू से लगी होती है।

क्या बैंक जमा सुरक्षित है?

DICGC हर बैंक में हर जमाकर्ता की ब्याज सहित ₹5 लाख तक की जमा का बीमा करता है।